आइये जानते हैं की Pluto को सौरमंडल ग्रह की लिस्ट से क्यों निकाल दिया गया है। 

आज से कई साल प्लूटो को हमारे सौरमंडल का ग्रह माना जाता था। 

साल 2006 में ग्रहों की परिभाषा तय होने पर प्लूटो को ग्रहों की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था।

 IAU का निर्माण करने वाले खगोल विज्ञान विशेषज्ञों के वैश्विक समूह द्वारा कहा कि एक ग्रह होने के लिए, एक आकाशीय शरीर को अपनी कक्षा “स्पष्ट” करने की आवश्यकता है। प्लूटो ने इस कसौटी को पूरा नहीं किया।

वैज्ञानिको के अनुसार प्लूटो बाकी पिंडों से अलग अपनी स्वतंत्र कक्षा नहीं बना सकता है  यह सूर्य की परिक्रमा के दौरान इसकी कक्षा नेप्चून की कक्षा से टकराती है। जिस कारण इसे ग्रहो में शामिल नहीं किया जा सकता था।

Pluto को American astronomer ने सन 1930 में खोजै था तभी से ही Pluto सूर्यमण्डल का नौवा ग्रह के रूप में आया था।

आपको बता दें की प्लूटो 248 साल में सूरज का एक चक्कर लगा पाता है।

प्लूटो के पांच उपग्रह हैं, इसका सबसे बड़ा उपग्रह शेरन है जो 1978 में खोजा गया था

हाल ही में यह चर्चा हुई थी कि प्लूटो फिर से ग्रह बन सकता है।

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